कैसे हुई थी परवीन बॉबी की मौत? जानिए उनकी उम्र, परिवार और संपत्ति के बारे में

परवीन बॉबी

फेमस अदाकारा परवीन बॉबी (Parveen Babi)अपने समय की अभिनेत्रियों में सबसे ज्यादा फेमस अभिनेत्रियों में गिनी जाने वाली अभिनेत्रियों में से एक थीं। सत्तर-अस्सी के दशक में इन्होने हिंदी सिनेमा में अपनी अदाकारी से लोगों को अपना दीवाना बना दिया था। वह 70 के दशक की सबसे बोल्ड अभिनेत्री थी उन्होंने अमर अकबर एंथोनी नमक हलाल शान और कालिया जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्म हिंदी है लेकिन उनका मौत काफी दर्दनाक था। यहां हम आपको परवीन बाबी की उम्र, परिवार, संपत्ति और जीवनी के बारे में बता रहे हैं।

परवीन बाबी का संक्षिप्त जीवनी – Parveen Babi Short Bio/Wiki

असली नामपरवीन मोहम्मद अली
उपनामपरवीन बाबी
जन्म तिथि4 अप्रैल 1949
जन्म स्थानगुजरात के जूनागढ़ में
मृत्यु की तिथि22 जनवरी 2005
मृत्यु का स्थानजुहू मुंबई के पाम बीच पर स्थित एक अपार्टमेंट के सातवें फ्लोर पर
जीवन काल55 साल
मौत की वजहडायबिटीज के कारण शरीर के अंगो का काम करना बंद
लंबाई5 फुट 7 इंच
पहली फिल्म का नामचरित्र (1973)
आखरी फिल्मआकर्षण (1983)
पति का नामअविवाहित
पिता का नामवली मोहम्मद खान बाबी (जूनागढ़ के नवाब)
मां का नामजमाल बकते बाबी

लंबाई और बॉडी मेजरमेंट्स

परवीन बॉबी अभिनेत्री के साथ-साथ मॉडल और इंटीरियर डिजाइनर भी थीं। बात इनके लुक की हो तो आपको बता दें कि बेहद खूबसूरत दिखने वाली परवीन की हाइट 170 सेंटीमीटर और 1.70 मीटर यानी फिट में 5’7″ थी। काली आंखे और काले बाल इनके लुक को और भी ज्यादा इन्हेन्स करते थे। इनके लुक को जीनत अमान की तरह माना जाता था।

फिल्मी करियर

इन्होंने फ़िल्म चरित्र से अभिनय की दुनिया मे कदम रखा था, इनकी यह फ़िल्म साल 1973 में आई थी। इसके अलावा इन्होंने कई फेमस फिल्में कीं और बॉलीवुड में एक अलग मुकाम हासिल किया। इनकी कुछ फेमस फिल्मे हैं- दीवार 1975 में आई थी, 1977 की फेमस फिल्म अमर अकबर एंथनी, 1979 की सुहाग, 1979 में ही आई काला पत्थर, 1980 की फेमस फिल्म शान, 1981 की फिल्म क्रांति, 1982 की फिल्म नमक हलाल, 1985 की फेमस फिल्म बॉन्ड 303, 1986 की फिल्म अविनाश आदि।

उम्र और प्रारंभिक जीवन

परवीन बॉबी का जन्म 4 अप्रैल 1949 दिन सोमवार को जूनागढ़ गुजरात मे इनका जन्म हुआ था। परवीन का विवाह नहीं हुआ था ये अविवाहित थीं पर इनका नाम कई हस्तियों के साथ जोड़ चुका है। सिद्धार्थ भट्टाचार्य ये अहमदाबाद का एक साधारण से लड़का थे, जिनका नाम पहली बार परवीन से जुड़ा।

मेष राशि मे जन्मी परवीन की प्रारंभिक पढ़ाई माउंट कार्मेल हाई स्कूल अहमदाबाद और आगे की पढ़ाई सेंट जेवियर्स कॉलेज अहमदाबाद से हुई। इन्होंने इंग्लिश साहित्य में स्नातक किया था।

मुस्लिम धर्म में जन्मी परवीन बॉबी ने बाद में ईसाई धर्म अपना लिया था। मालाबार हिल् के प्रोटेस्टेंट एंग्लिकन चर्च में इनका बपतिस्मा हुआ था यानी इन्होंने ईसाई धर्म को अपनाया था। इन्हें पेंटिंग करना, प्यानो बजाना और साहित्य की किताबें पढ़ने का शौक था।

इनके पसंदीदा कलाकार राज कपूर, देवानंद, फिरोज खान, दिलीप कुमार और संजीव कपूर थे और पसंदीदा अदाकारा वहीदा रहमान और मीना कुमारी थीं।

इनके अलावा अभिनेता अमिताभ बच्चन के साथ भी इनका नाम जोड़ा गया। अभिनेता डैनी डेंजोंगपा भी इनके प्रेमी में शामिल हैं। इनके अलावा अभिनेता कबीर बेदी और फिल्म निर्देशक महेश भट्ट ही नहीं बल्कि एक बिजनेसमैन अब्दुल एला का भी नाम परवीन के साथ जुड़ चुका है।

परिवार

इनकी परिवार की बात करें तो उनके परिवार में इनके पिता वली मोहम्मद खान बॉबी जो सिस्टम एडमिनिस्टर्ड थे, जूनागढ़ के नवाब के साथ और इनकी मृत्यु 1959 में हो गई थी। परवीन की माँ जमाल बख़्ते बाबी की मृत्यु भी 2001 में हो गई। अपने माता-पिता की शादी के 14 साल बाद हुई थी और इनके पिता गुजरात के पठानों के परिवार से, पश्तूनो की बॉबी जनजाति के नवाब थे।

परवीन बॉबी की मौत का कारण जानिए

ये हम सभी को बहुत जल्द छोड़ कर चली गई इनकी मृत्यु 22 जनवरी 2005 को हो गई। ये हमारे बीच महज 55 साल तक रहीं जब बहुतो का कैरियर ऊँचाईयों को छू रहा होता है ये उसी उम्र में दुनिया छोड़ गईं।

इनकी मौत का कारण डाईविटीज यानी मधुमेह रोग बताया जाता है। जिससे इनके शरीर के कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया। परवीन की मौत जहाँ हुई वो घर मुम्बई के पाम बीच के पास रिवेरा हाइटस जुहू में 7वें मंजिल में स्थित है।

महेश भट्ट ने परवीन का एक वाकया बताते हुए कहा कि 1979 में फ़िल्म दीवार की शूटिंग के दौरान एक सीन में बेड के बीचों बीच अचानक परवीन डर जाती हैं और एक चाकू लेकर कहती हैं कि ssss ये कमरा खराब है ये लोग मुझे मारने की कोशिश कर रहे हैं ये मुझ पर झूमर गिराने वाले हैं। इस तरह बोलती हुई मेरा हाथ पकड़ कर बाहर ले गईं इनकी माँ को देख कर ऐसा लगा कि ऐसी हरकत ये कई बार कर चुकी हैं।

परवीन की ऐसी हरकतें और बढ़ती गईं फिर महेश इन्हें अपने आध्यात्मिक गुरु यूजी कृष्णमूर्ति के पास ले गये। अक्टूबर 1979 में इन्होंने परवीन को इलाज के साथ छोड़ दिया और अपने परिवार को संभालने लगे। 1980 में महेश ने परवीन से सारे रिश्ते तोड़ लिए।

1982 में महेश भट्ट ने परवीन पर आधारित एक फिल्म अर्थ का निर्देशन किया और 2006 में एक अर्थ आध्यात्मिक फ़िल्म वो लम्हे लिखी और निर्मित भी की। इन सब से पता चलता है कि परवीन और महेश के रिश्ते कितने गहरे थे।

1977 में अमेरिका की पत्रिका टाइम के कवर पर भी परवीन बॉबी छाई हुई थी। इतना ही नही ऐसी कई पत्रिकाओं का कवर पेज राह चुकी परवीन भारतीय पत्रिकाओं की भी कवर पेज रही हैं ।

इन्हें लगता था कि हर कोई इन्हें मारने की योजना बना रहा है। यहाँ तक कि इन्होंने खाना पीना भी छोड़ दिया था ये कह कर की इसमें जहर हो सकता है औऱ सिर्फ अंडे का सफेद भाग ही खाती थीं। इनकी मानसिक स्वास्थ्य इतना बिगड़ गया था कि इन्होंने अपनी वसीहत अपने मृत परिजनों के नाम कर दी।

अपने अंतिम समय से चार-पांच साल पहले से ही ये अपने हर फोन कॉल को रिकॉर्ड करती थीं। जिसके कुछ नोटपैड अभी भी महाराष्ट्र सरकार के संग्रह कार्यालय में है।

22 जनवरी 2005 में उनके पड़ोसी ने देखा 2 दिन से अखबार, दूध सब घर के बाहर ही पड़ा है जब ये सूचना पुलिस को दी तब पुलिस ने गेट खोला और देखा कि परवीन मृत पड़ी हैं इनके पास कुछ दवा, पेपर और शराब की बोतलें पड़ी हुई हैं और इनके बाएं पैर में मधुमेह रोग के कारण गैंग्रीन हो गया था जिस कारण ये ठीक से चल नही पा रहीं थीं और बेड के पास व्हील चेयर भी पड़ी थी। जिसे देख कर लग रहा था कि कई दिनों से खाना भी नहीं खाया था और भूख से मर गईं।

इनकी अंतिम इच्छा ईसाई धर्म के अनुसार अंतिम संस्कार की थी लेकिन परिवार वालों ने इस्लाम के अनुसार अन्तिम संस्कार किया और बॉलीवुड के मशहूर कलाकारों जैसे मोहम्मद रफ़ी, मधुबाला और साहिर लुधियानवी की कब्र के पास दफनाया पर जगह की कमी के कारण बाद में कहीं और शिफ्ट कर दिया गया।

कुल संपत्ति

परवीन के भतीजे ने दत्तक पुत्र होने का दावा किया बाद में उनकी कुल सम्पत्ति का 80% जूनागढ़ की वंचित महिलाओं और बच्चों को दे दिया गया और बच 20% धन उनके मामा को दे दिया गया।

इनकी मौत के समय इनकी कुल संपत्ति की बात करें तो इनके पास चार बेडरूम वाला जुहू में घर और जूनागढ़ में एक हवेली जिसकी कीमत लगभग 4.5 करोड़ होते हैं और यह समुद्र के किनारे है इसके अलावा इनकी कुछ गहने जो लगभग 20 लाख के होंगे और बैंक में जमा अन्य सामान भी है।

परवीन बॉबी के बारे में कुछ रोचक बातें

इनके पसंदीदा गायक थे लता मंगेशकर, मोहम्मद रफी और आशा भोसले। परवीन स्मोक और ड्रिंक दोनों ही बहुत करती थीं।

अपने कॉलेज टाइम से ही इन्होनें मॉडलिंग शुरू कर दी थी। इन्होंने अमिताभ बच्चन के साथ 13 फिल्मों में साथ में काम किया और 8 फिल्मों में विपरीत रोल में काम किया।

कहा जाता है कि जब अमिताभ बच्चन परवीन बॉबी के साथ डेट कर रहे थे तब अपनी शादीशुदा जिंदगी को बचाने के लिए इन्होंने परवीन को छोड़ दिया फिर परवीन ने एक इंटरव्यू में कहा कि अमिताभ बच्चन एक सुपर गैंगस्टार हैं और इनके गुंडों ने मेरा अपहरण किया और एक द्वीप पर ले जाकर मेरी सर्जरी की और मेरे कान के पीछे एक ट्रांसमीटर यानी चिप लगा दी।

इन्होंने अमिताभ बच्चन के खिलाफ मुकदमा भी दायर किया जो बाद में यह कहकर खारिज कर दिया गया कि ये एक सिजोफ्रेनिया नामक गंभीर मानसिक बीमारी से पीड़ित हैं। जिसमें लोग वास्तविकता को असामान्य रूप से व्यक्त करते हैं।

अमिताभ बच्चन के बाद परवीन बॉबी ने डैनी के साथ डेट करने शुरू किया और ये लगभग 4 सालों तक यह साथ रहे और बाद में इनका ब्रेकअप हो गया एक इंटरव्यू के दौरान डैनी ने कहा हमारे दो छोटे बच्चे थे और 4 साल तक साथ रहे, वह उन दिनों बड़ी खबर थी, लेकिन बाद में हम अलग हो गए लेकिन अच्छे दोस्त बने रहे।

परवीन उसी बिल्डिंग में रहती थी जहां डैनी रहा करते थे और ब्रेकअप के बाद भी अक्सर डिनर के लिए उनके घर जाया करती थीं।

अपने कुछ ब्रेकअप के बाद यह लगातार उदास रहने लगी थी और इनकी मानसिक बीमारी का पता चला था। डैनी के बाद इनकी लाइफ में अभिनेता कबीर बेदी आए अपने ब्रेकअप होने के बाद महेश भट्ट इनके जीवन में आए ऐसा कहा जाता है कि महेश भट्ट परवीन बॉबी की प्रेम कहानी बॉलीवुड की फेमस प्रेम कहानियों में से एक है।

सिजोफ्रेनिया की शिकार परवीन बॉबी ने एक बार महेश भट्ट के साथ जाते हुए कार का दरवाजा यह कहती भी खोल दिया कि कार में बम है और वह भाग के सड़क पर आ गई इससे लोगों को लगा कि इनका और इनके बॉयफ्रेंड का झगड़ा हो

2007 में इनके जीवन पर आधारित फिल्म परवीन बॉबी नाम से रिलीज हुई।

इन्होंने अपनी मौत की साजिश रचने में अमिताभ बच्चन, बिल क्लिंटन, रीबर्ट रेडफ़ोर्ड, प्रिंस चार्ल्स और अल गोर जैसे कई फेमस हस्तियों पर आरोप लगाया जो कुछ सबूत पेश न कर पाने पर ख़ारिज हो गया।

1993 में इन्होंने मुंबई बम ब्लास्ट का इनके पास सबूत है कह कर अभिनेता संजय दत्त पर इल्जाम लगाया और हलफनामा पेश किया लेकिन सिजोफ्रेनिया बीमारी की वजह से इन्हे घर से बाहर निकलने में डर सता रहा था।

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