Jai Bhim Movie Story in Hindi | जय भीम फिल्म की कहानी

जय भीम 2021 में भारतीय सिनेमा की सबसे ज्यादा सर्च की जाने वाली फिल्म थी। ये तमिल और हिंदी भाषा में 2 नवंबर 2021 को रिलीज हुई थी। फिल्म के मुख्य अभिनेता सूर्या हैं जिसने चंद्रू का रोल निभाया है। वह एक वकील रहते हैं जो निम्न जाति के लोगों को न्याय दिलाते हैं। इस फिल्म को सबसे ज्यादा रेटिंग मिली थी 2021 में। इसे आईएमडीबी ने 9.4 आउट ऑफ 10 रेटिंग दी है। जबकि रॉटेन टोमेटोज ने 100 परसेंट। इसकी लोकप्रियता का अंदाजा गूगल सर्च के ऑडियंस रिव्यूज से भी लगा सकते हैं। इस लेख में जय भीम फिल्म की कहानी, हिंदी एक्सप्लैनेशन, स्टार कास्ट के बारे में जानकारी दी गई है।

जय भीम फिल्म की कहानी
जय भीम फिल्म की कहानी

Jai Bhim Story in Hindi | जय भीम फिल्म की कहानी

जय भीम ये दो शब्द अपने आप मे संघर्ष और आत्म सम्मान की लड़ाई को बया करने के लिए काफी है, क्योंकि जय भीम सिर्फ नारा नही बल्कि जुल्म के खिलाफ विद्रोह का नाम भी है। तमिल सिनिमा जगत से एक शानदार फिल्म रिलीज हो चुकी है, जिसका नाम है जय भीम।

तो हम एक्सप्लेन करने वाले हैं तमिल सुपरस्टार सूर्या के फिल्म जय भीम को तो आइए शुरू करते है।

मूवी के स्टार्टिंग में हम एक जेल को देखते है जहां पर बहुत सारे कैदी जेल से बाहर निकल रहे है और इन्ही में से एक जेलर उन सभी कैदियो की जात पूछता है। जिनकी बड़ी जात निकलती है उन्हें वह रिहा कर देता है लेकिन जिनकी छोटी जात निकलती है तो उनकी वह एक अलग लाइन बनवा देता है, दरसल यहां पे जो बड़ी जात वाले होते है और जो अमीर आदमी है वह छोटी जात वाले पे जुल्म करते हैं। और जो गुनाह उन्होंने कभी किए ही नही वह उन पर झूठा आरोप लगवाकर अपराधी घोषित करवाकर कर उन्हें जेल मे बंद कर देते है।

इन सभी कामों में पुलिस उनका साथ देती है, अब सीन शिफ्ट होता है और हम देखते है राजा कन्नू और उसकी वाइफ संधानि को जो कि चूहा और सांप पकड़ने का काम करते हैं।

शादी में हम उसके भाई, बहन और बहन के पति को देखते हैं, जो कि यही काम करते हैं।

अब सीन शिफ्ट होता है और हम देखते हैं उन्हीं के गांव के सरपंच को उनकी वाइफ अपने गहने को देख रही होती है, लेकिन तभी वहां पर एक सांप आ जाता है जिसे देखकर वह बहुत घबरा जाती है और फिर तुरंत ही राजा कन्नू को बुलाया जाता है।

राजा कन्नू उसी कमरे में जाता है जहां पर बहुत सारे गहने रखे होते हैं और बहुत सारे पैसे रखे होते हैं, सांप को मारने लगता है और उसके थोड़ी देर बाद ही हो सांप को बड़ी आसानी से पकड़ लेता है।

जय भीम फिल्म की कहानी
जय भीम फिल्म की कहानी

अब अगले दिन बस्ती की महतरा नाम की एक टीचर को देखते हैं जो उन्हें पढ़ाया करती थी। और महतरा एक ऐसी लड़की थी जो की जात पात में विश्वास नहीं करती थी। वह सभी बच्चों को बहुत ही अच्छे से पढ़ाई करती थी। साथ ही वह उनके पेरेंट्स को भी पढ़ाती थी। उन बस्ती वालों का ना ही कोई वोटर आईडी था और ना ही कोई पहचान पत्र और ना ही उनके पास कोई राशन कार्ड।

वह एक दफ्तर अपने बच्चों का सर्टिफिकेट बनवाने के लिए जाते हैं लेकिन ऑफिसर उन से मना कर देता है और छोटी जात होने के कारण उसे वहां से भगा देता है और आगे बताया जाता है कि अब संघिनी प्रेग्नेंट है।

इस बात को सुनकर राजा कन्नू बहुत खुश हो जाता है अब कुछ दिन बीत जाते हैं और राजा कन्नू को भट्टे में काम करने के लिए जाना था, लेकिन यह बात संघिनी को बिल्कुल पसंद नहीं आती वह उसे कहती है कि वह भी उसके साथ जाना चाहती है, लेकिन वह उसे वहां पर इस हालत में नहीं ले जाना चाहता था। इसलिए वह अकेला जाता है।

राजा कन्नू भट्टे में कुछ दिनों तक काम करता है, वहीं दिखाया जाता है कि सरपंच के घर गहनों की चोरी हो चुकी होती है। चोरी का पूरा शक राजा कन्नू के ऊपर जाता है क्योंकि एक वही शख्स था जिसने उन गहनों को देखा था। सरपंच उन्हें बताता है कि वह उनके घर सांप पकड़ने के लिए आया था। शायद उसके मन में लालच आ गया होगा इसलिए उसने चोरी कर ली।

अब राजा कन्नू तो भट्टे में काम करने के लिए गया था, अब जब पुलिस वाले राजा कन्नू के घर जाते हैं तो वहां पर राजा कन्नू तो नहीं होता है लेकिन संघिनी को वह बुरी तरह से पकड़कर पीटते हैं।

वह यह बात ही भूल जाते हैं कि संघिनी प्रेग्नेंट है, उन्हें इन बातों से कोई भी फर्क नहीं पड़ता। अगले सीन में हम देखते हैं चंदरु को। जोकि ह्यूमनराइट का एक बहुत बड़ा वकील होता है और फिलहाल वह एक मोर्चे पर है‌।

उसका कारण भी पुलिस ही है, दरअसल एक पुलिस वाले ने वकील को चांटा मार दिया था जिसके कारण सभी वकील मिलकर उन पुलिस वालों का विरोध कर रहे हैं, लेकिन यहां पर चंदरू देखता है कि उससे कुछ क्लाइंट आए हुए हैं और उन्हें देखकर वेरिकट के ऊपर से कूदकर वह कोर्ट के अंदर जाने लगता है।

अंदर आने पर जब कोई उससे पूछते हैं कि अभी तो आप मोर्चे पर थे तो एकदम से आप अंदर कैसे आ गए तो वह उन्हें बताता है कि यह केस मेरे लिए बहुत इंपोर्टेंट था। इसलिए मुझे अंदर आना पड़ा। दरअसल केस यहां पर यह था कि छोटी जात वाले जो लोग थे उन्हें झूठे आरोप में उन्हें जेल के अंदर कर दिया गया है। दरअसल वह गुनह तो उन्होंने कभी किया ही नहीं थे, बल्कि गुनह तो उन बड़े लोगों ने किए हैं और अपने गुनाह को छुपाने के लिए सारा आरोप छोटे लोगों पर लगा देते हैं और इस काम में पुलिस उनका पूरी तरह से साथ देती है।

यह बात चंदरु बहुत ही अच्छे से कोर्ट में साबित कर देता है और साथ ही वह केस जीत जाता है। अगले सीन में यह देखते हैं कि चंदरु की पुलिस से बिल्कुल भी नहीं बनती है, इसलिए वह पुलिस के हर जगह पर विरोध करता रहता है क्योंकि वहां की पुलिस बहुत ज्यादा करप्ट हो चुकी है और थोड़ी देर बाद संघिनी और महतरा वहां पर आती है, जो कि चंदरु से ही मिलने आए थे।

यहां पर संघिनी, चंदरु से मिलती है और चन्दरु उससे पूछता है कि मुझे वह सब कुछ जानना है जो कुछ हुआ था, इसके बाद संगिनी फ्लैशबैक कि स्टोरी को सुनाती है संघिनि,चंदरु को बताती है कि राजा कन्नू को ढूढते हुए एक दिन पुलिस वाले उसके घर आए, उसे बहुत मारा और पुलिस स्टेशन ले जाने लगे साथ ही उन्हे बताती हैं कि राजा कन्नू के भाई और राजा कन्नू की बहन और उसकी बहन के पति को मारते पुलिस स्टेशन ले गए हैं।

हवलदार के अंदर लाने के बाद उन सभी को उन्होंने बहुत मारा और साथ ही में जानवरों की तरह सुलूक किया और दूसरी तरफ पुलिस वाले राजा कन्नू को ढूंढते हुए उनके पास जाते हैं जहां पर भट्टो के काम चल रहे होते हैं।

वहां पर वे राजा कन्नू के बारे में पूछते हैं लेकिन राजा कन्नू वहां पर नहीं होता है। वहां का एक आदमी पुलिस वालों को बताता है कि राजा कन्नू यहा बिना बताए भाग गया। दरसल राजा कन्नू घर की ओर ही आ रहा होता है लेकिन तभी कुछ लोग आते हैं और उसे पकड़ लेते हैं और उसे पुलिस के हवाले कर देते हैं।

हवालात मे लाने के बाद पुलिसवाले राजा कन्नू को बहुत मारते हैं, साथ ही में उसे कहते हैं कि गुनाह कुबूल करो कि तुम ही ने चोरी की है, लेकिन जो गुना कभी उसने किया ही नहीं उसके लिए वह हां कैसे बोलता। इसलिए वह चुपचाप पुलिस वालो के हाथ बहुत बुरी तरह पिटता रहता है और जब अगले दिन संघिनी, राजा कन्नू के लिए खाना लेकर आई थी तो वह उसे देख कर शॉक्ड रह जाती है, क्योंकि राजा कन्नू की हालत बहुत बुरी हो चुकी थी।

पुलिस वालों ने उन्हे बहुत मारा था, कुछ दिनों के बाद हमे पता चलता है कि वह लोग जेल से फरार हो चुके हैं और पुलिस वाले संगिनी को परेशान करने लगे हैं। अब इन तीनों का कोई भी आता पता नहीं था, इसलिए संगिनी और मित्रा मिलकर कुछ अधिकारियों के पास मदद मांगने के लिए जाती है लेकिन उन्हें भी वहां पर कोई मदद नहीं मिलती है, जिसके बाद में कुछ वकीलों के पास जाती है लेकिन वहां भी उन्हें कोई भी मदद नहीं मिलती है।

तब वहां का एक आदमी उन्हें चंदरु के बारे में बताते हैं और वह कहता है कि यह आदमी हुमन राइट वाला केस लड़ता है, और यह फीस नहीं लेता साथ ही में महतरा ने चंदरू को उन तीनों के फरार होने वाली जो रिपोर्ट पुलिस वालों ने बनाई थी वह चंदरु को देती है।

अब चंदरु इस केस के लिए पूरी स्टडी करने लगता है और पूरी तरह से इन्वेस्टिगेशन शुरू कर देता है, तब चंदरू ही हेवी कॉरपस के तहत इस केस को लड़ता है। हेविस्कोरपर्स का मतलब यह होता है, किसी इंसान का बिना सबूत के गायब हो जाना। या फिर किसी इंसान के द्वारा किडनैप कर लिया जाना, जिसके बाद कोर्ट पुलिस वालों को खुद ऑर्डर देता है कि पुलिस वाले उस गायब हुए इंसान को ढूढे और जल्द से जल्द कोर्ट में पेश करें।

चंदरु ने इस केस को काफी अच्छे तरीके से तैयार कर लिया था और कोर्ट में यह साबित कर दिया था कि वह सही है, जिसके बाद जज भी मान जाते हैं और हेविस्कोरपर्स के तहत पुलिस वालों को उन्हें ढूंढने का आदेश दे दिया जाता है, और साथ ही यह भी कहा जाता है कि पुलिस वाले ने जो रिपोर्ट लिखी थी, उनके जो भी गवाह थे। वह उनके साथ सवालात करना चाहता है।

अब चंदरू जो उस लिस्ट में गवाह लिखे होते हैं उन सभी से प्रश्न कर रहा होता है और वह सभी लोग पुलिस वालों के पक्ष में आंसर दे रहे होते हैं। चंदरु समझ जाता है कि यह सभी लोग झूठ बोल रहे हैं इनका गवाहों मैं दो-तीन लोग ही होते हैं जिनमे से एक होता है उनका डॉक्टर जिन्होंने उन तीनों की महलम पट्टी की थी और उनमें से एक होता है मेडिकल शॉपर जो दवाई बेचता है।

उसने उन सभी को दवाई दी थी अब यहां पर यह केस उनकी तरफ में पूरी तरह से झुक चुका था और अब शायद पुलिस वाले जीतने वाले थे तभी चंदरु एक पुलिस वाले को कटघरे में बुलाता है जिसने यह रिपोर्ट बनाई थी। चंदरू उससे कुछ क्वेश्चन करता है लेकिन वह तो ऐसे जवाब दे रहा था जैसे उसने यह आंसर रटके आया था तो चंदरु उससे कहता है कि आपने तो यह रिपोर्ट बनाई थी तो आपने तो यह जरूर पता होगा कि मेडिकल शॉप कहां पर है।

वह डॉक्टर का क्लीनिक कहां पर है? पुलिस वाले यह बात बताने में नाकामयाब हो जाता हैं। चंदरू यहां पर यह साबित कर देता है कि वह पुलिस वाला झूठ बोल रहा है, साथ ही वह यह बता देता है कि यह रिपोर्ट गलत थी। अब यहां पर सभी पुलिसवाले बहुत ही बुरी तरीके से फंस चुके थे, इसलिए वह इस केस को लेकर शहर के सबसे बड़े वकील के पास जाते हैं।

जब एक दिन संघिनी अपने वकील को कॉल कर रही थी तभी कुछ पुलिस वाले आते हैं और उसकी बेटी को उठाकर हवालात ले जाते हैं। इसके थोड़ी देर बाद संगिनी को भी वहां पर जाना पड़ता है, जहां पर वह पुलिस वाले उससे हाथ जोड़कर कहते हैं कि वह अपना केस वापस ले ले लेकिन संघिनी उसकी बात नहीं मानती है।

उसके बाद पुलिस वाले उसके साथ बदसलूकी करने लगते हैं लेकिन तभी वहां पर डीएसपी का उनके पास कॉल आता है और वह कहते हैं अगर संगिनी को कुछ भी हुआ तो तुम सब की नौकरी जा सकती है।

इसलिए तुम उसे अभी अपनी जीप में बिठाओ और उसे अपने घर छोड़ो। दरअसल जब पुलिस वाले संगिनी की बेटी को उठाकर ले जा रहे थे तभी संघीनी का बूथ से वकील साहब का कॉल आता है और वह वकील साहब को सारी बात बता देती है, जिसके बाद तुरंत ही चंदरु जज साहब के पास जाता है और जज साहब तुरंत ही डीएसपी के पास कॉल करते हैं।

अब इस केस को शहर के सबसे बड़े वकील ने टेकओवर कर लिया था और अब उसके बाद वह कोर्ट में आता है और एक ही गवाह से उस केस को निपटाने लगता है। वह गवाह कोई और नहीं बल्कि उन्हीं के गांव का एक आदमी था और वह तीनों उन्हीं के पास काम करते थे।

वह जज को बताता है कि राजा कन्नू के भाई का उसके पास कॉल आया था जो उन्हें बताता है कि वह जेल से फरार हो चुके हैं जिसके बाद चंदरु उस आदमी से कहता है कि आपको यह बात सबसे पहले ही राजा कन्नू के परिवार वालों को बतानी चाहिए थी।

इसके बाद वह आदमी कहता है कि मैंने बताई थी उनको यह बात, अब यह बात भी बिल्कुल सही हो जाती है अब यह केस बिल्कुल अपोजिशन की तरफ झुक चुका था। उसके बाद चंदरु संघीनी के ऊपर गुस्सा होता है और उससे कहता है तुमने मुझसे इतनी बड़ी बात क्यों नहीं बताई जिसके बाद महतरा उससे कहती है कि मैंने उसे बताने से मना किया था। साथ ही महतरा चंदरु को बताती है कि यह बात उसने छुपाए जरूर थी लेकिन इस बात में बिल्कुल भी सच्चाई नहीं है।

राजा कन्नू के भाई को अंक पढ़ना भी नहीं आता था तो वह कॉल कैसे करता। इसके बाद वह चंदरू एसटीडी बूथ की पूरी लिस्ट को मंगवा लेता है और बारी-बारी से सभी को चेक करने लगता है कि राजा कन्नू के भाई ने आखिरकार किस एसटीडी बूथ से कॉल किया था और आखिरकार उसे व एसटीडी बूथ मिल जाता है, दरअसल वह फोन केरल के एक एसटीडी बूथ से किया गया था और चंदरू केरल पहुंच जाता है और उस बूथ के मालिक से भी मिलता है।

अब आगे हम कोट 3 को देखते जहां पर चंदरु बूथ के मालिक को बुलाता है और बोलता है कि तुम वह सब कुछ बताओ जो वहां पर हुआ था और वह बताता है कि वहां पर कुछ दिनों पहले तीन लोग आए थे और तीनों ही उस एसटीडी बूथ में घुस गए थे इसलिए उनका ध्यान उस पर गया था और उन तीनों की पहचान भी कर लेता है।

अब चंदरू जैन साहब से कहता है कि यह पुलिस वाले उन सभी से मिले हुए हैं, इसलिए इस केस को सीबीआई को हैंडल करने के लिए कहता है। जैसा आप उसकी बात मान जाते हैं और अब यह केस आई एस जी सी के पास आ चुका है।

औराई जी का रोल प्ले किया है प्रकाश राज जी ने, इसके बाद आईजी और चंदू इस केस को सॉल्व करने में लग जाते हैं क्योंकि अब वह तीनों कहीं भी नहीं मिले थे इसलिए वह केरल जाते हैं और वहां की सभी जिले को चेक करते हैं।

इन्वेस्टिगेट करते समय उन्हें वहां का एक ऑफिसर मिलता है जोकि उन्हें बताता है कि हिट एंड रन केस में उन्हें लाश मिली थी और जो फोटो बताई जा रही है तो महतरा राजा कन्नू को आईडेंटिफाई कर लेती है।

दरअसल राजा कन्नू कि लाश शहर के बॉर्डर पर मिली थी और बताया जा रहा है कि राजा कन्नू का एक्सीडेंट हो गया था। अब संघिनी पूरी तरह से टूट चुकी थी और दूसरी तरफ वकील उस ऑफिसर से पूछता है कि आखिर वहां पर हुआ क्या था। वह सच सच पूछना चाहता है उनसे तो वहां का पुलिस वाला बताता है कि हम जब राजा कन्नू को मार रहे थे, तो वह गलती से वहां पर मारा गया। इसीलिए वह उसे वहां की जेल से निकालकर शहर के बॉर्डर पर ले जाकर पटक दिए।

अब चन्दरु को तो ये सब एक मर्डर लग रहा था लेकिन अपोजिशन वाले बोलते हैं कि यह एक एक्सीडेंट से मारा गया अब दूसरी तरफ चंदरू को इन्वेस्टिगेट करते समय पता चलता है कि एसटीडी बूथ में जो 3 लोग थे, उनमें से एक राजा कन्नू का भाई भी था और साथ ही में उसे एक जेल के बारे में खबर लगती है। जहां पर उसका भाई और उसका बहन का पति भी था।

अब महतरा को जेल में उसे आईडेंटिफाई कराने के लिए ले जाया जाता है। जहां पर वह राजा कन्नू के भाई और उसके बहन की पति को देखती है और उसके बाद पुणे अदालत में ले जाया जाता है, जहां पर राजा कन्नू का भाई जज साहब को बताता है कि राजा कन्नू को पुलिस वालों ने बहुत मारा था और इतना मारा था कि वह बेहोश हो जाता है।

साथ ही में राजा कन्नू की बहन का पति भी बेहोश हो गया था और भाई जब होश में नहीं आ रहे थे तो वह उनकी आंखों में मिर्च डालने लगे थे जिसके बाद राजा कन्नू की बहन का पति तो होश में आ गया था।

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राजा कन्नू कोई भी रियेक्ट नहीं करता है जिससे हमें पता चलता है कि वह मर चुका था। उसके बाद आईजी को कटघरे में बुलाया जाता है और आईजी अपने इन्वेस्टिगेशन के बारे में जज साहब आपको बताता है। चोरी दरअसल उन्हीं के गांव के एक आदमी ने की थी जिसका नाम रवि है और उसके साथ पुलिस मिली हुई थी और चंदरु यहां पर जज साहब को बताता है कि जहां पर राजा कन्नू की मौत हुई थी, वहां पर उसने पुलिस वालों के पैर के निशान और गाड़ी के निशान देखे थे इसलिए वह जिस साहब से अपील करता है कि संगिनी को गांव के बीचो-बीच घर दिया जाए और इन लोगों को कड़ी से कड़ी सजा सुनाई जाए।

उन सभी पुलिस वालों को सजा हो गई थी, तो इसी के साथ फिल्म खत्म होती है। उम्मीद करता हूं कि आपने जय भीम फिल्म की कहानी इंजॉय किया है।

Jai Bhim Star Cast and Roleplay

स्टार कास्टकिरदार
SuriyaChandru
ManikandanRajakannu
Lijo Mol JoseSenggeni
Rajisha VijayanMaithra
Rao RameshA.G. Ram Mokan
Guru SomasundaramP.P. Cellapandian
M.S. BhaskarSangaran
Prakash RajI.G. Perumalsami(Prakashraj)

जय भीम फिल्म हिंदी में कैसे देखें?

Jai Bhim फिल्म जल्द नेटफ्लिक्स, हॉटस्टार और एमएक्स प्लेयर इत्यादि ओटीटी प्लेटफॉर्म पर मौजूद होगी, लेकिन फिलहाल आप इसे केवल प्राइम वीडियो पर ऑनलाइन देख सकते हो और डाउनलोड भी कर सकते हो।

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